आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह-संगठन प्रभारी (बस्तर) समीर खान के नेतृत्व में आज पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि के विरोध में विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव कर कार्यपालन अभियंता के नाम से तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बिजली दर वृद्धि को जनविरोधी निर्णय बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
समीर खान ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक बिजली सरप्लस राज्य होने के बावजूद आम जनता को महंगी बिजली का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई 2025 में बिजली दरों में वृद्धि के बाद अब अप्रैल से फिर दर बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बिजली बिलों में ऊर्जा प्रभार के अलावा कई अनावश्यक शुल्क जोड़े जा रहे हैं,जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं, बड़े उद्योगपतियों और सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये का बकाया होने के बावजूद उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि आम उपभोक्ताओं के साथ कठोर रवैया अपनाया जा रहा है।
समीर खान ने “डबल इंजन” की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस उम्मीद के साथ जनता ने भाजपा को चुना था, आज वही जनता ठगा महसूस कर रही है। सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत शून्य है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बिजली की स्थिति अत्यंत दयनीय है—लोगों को नियमित बिजली नहीं मिल रही, लेकिन भारी-भरकम बिल जरूर थमाए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बिजली कटौती से बेहद परेशान हैं। इस प्रदर्शन में समीर खान,आरती पटनायक, मंसूर चिश्ती, राकेश कश्यप,मुकेश कश्यप, और भी कई कार्यकर्ता मौजूद थे






