लोडिंग- अनलोडिंग में देरी और खराब सड़कों से परेशान ट्रक मालिक, प्रशासन से लगाई गुहार।
पुष्प स्टील माइंस में अव्यवस्थाओं के खिलाफ परिवहन समिति का विरोध, कार्य बंद करने की चेतावनी
लोडिंग- अनलोडिंग में देरी और खराब सड़कों से परेशान ट्रक मालिक, प्रशासन से लगाई गुहार।
दुर्गूकोंदल:-
विकासखंड दुर्गूकोंदल क्षेत्र में स्थित पुष्प स्टील माइंस में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ परिवहन समिति खंडीघाट चेमल एंडगुड ने कड़ा रुख अपनाते हुए परिवहन कार्य बंद करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में समिति द्वारा तहसीलदार दुर्गूकोंदल को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया है।
परिवहन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि माइंस में वाहनों की लोडिंग तो समय पर कर दी जाती है, लेकिन अनलोडिंग में अत्यधिक देरी हो रही है। कई बार तीन-तीन दिन तक गाड़ियों को खड़ा रखना पड़ता है, जिससे वाहन मालिकों और ड्राइवरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस देरी के कारण एक सप्ताह में केवल तीन ट्रिप ही हो पा रही है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
समिति ने यह भी बताया कि अन्य माइंस की तुलना में यहां परिवहन दर भी काफी कम है, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। डीजल, मेंटेनेंस और ड्राइवर खर्च बढ़ने के बावजूद उचित भुगतान नहीं मिलने से ट्रक मालिकों की स्थिति लगातार खराब हो रही है।
इसके अलावा माइंस क्षेत्र की सड़कों की स्थिति भी अत्यंत खराब बताई गई है। खराब सड़क के कारण ट्रकों के टायर और अन्य पुर्जे जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे मेंटेनेंस का अतिरिक्त बोझ वाहन मालिकों पर पड़ रहा है। समिति का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत और रखरखाव सही ढंग से किया जाए, तो कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।
परिवहन समिति के सदस्यों—बिहरीलाल, मनीष नरेटी सियाराम गावड़े, अमित कुमार, राजकुमार बढाई, मानिक लाल कड़ियाम, विनोद कुमार, संजय पटेल, संतलाल आमले, सगनूराम नेताम छबीलाल नरेटी—ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अनलोडिंग व्यवस्था में सुधार किया जाए और सड़कों की मरम्मत कराई जाए।
समिति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक माइंस में परिवहन कार्य बंद रखा जाएगा। इस चेतावनी के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है और अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर न केवल परिवहन कार्य पर पड़ेगा, बल्कि माइंस के संचालन पर भी व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।






