मनीष कौशिक
मोहला -अंबागढ़ चौकी नगर में संचालित केंद्रीय विद्यालय एकलव्य आवासीय विद्यालय में मासूम छात्राओं के एक के बाद एक आत्महत्या करने का प्रयास और बालकों के साथ हुई हैवानियत के साथ बेरहमी का मामला अब अनुसूचित जनजाति आयोग तथा विधानसभा पहुंच गया हैं।उल्लेखनीय है कि आवासीय विद्यालय एकलव्य में आदिवासी छात्रों के साथ बर्बरता किये जाने और नाबालिक छात्राओं के द्वारा एक के बाद एक आत्मघाती कदम उठाने के मामले को एकलव्य परिसर के भीतर आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त संजय कुर्रे और और एकलव्य प्रशासन के द्वारा दबाया जा रहा था इस संवेदनशील घटना को प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देश में अपर कलेक्टर जी आर मरकाम के अध्यक्षता में डिप्टी कलेक्टर शुभांगी गुप्ता, एसडीएम हेमेंद्र भूआर्य, अंबागढ़ चौकी तहसीलदार अनुरिमा टोप्पो, आरआई तामेश्वरी इस्दा, एसडीओपी नेहा पवार की टीम ने जांच कर फाइल तैयार किया है परंतु जांच किस हद तक पारदर्शी है, मामले में कौन-कौन दोषी हैं क्या कार्रवाई दोषी शिक्षकों पर तय की जा रही है इसका आता पता नहीं है। इधर खबर को संज्ञान में लेते हुए राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से जवाब मांगा है वही खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक भोलाराम साहू ने एक के बाद एक बच्चियों के खुदकुशी करने के प्रयास और बेरहमी से छात्रों को मारने के मामले में विधानसभा में प्रश्न लगाया है ।
इन विषयों के टीचरों ने किया है मारपीट -प्रशासनिक जांच में अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय एकलव्य में पदस्थ बाहर प्रदेश के शिक्षक पीटीआई आकाश शर्मा, फिजिक्स के लेक्चर अनिल, हिंन्दी के लेक्चर पर्वत को मारपीट मामले में कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। बच्चों ने इनके द्वारा मारपीट करने की शिकायत की पुष्टि की है।क्यों मरना चाहती थी बच्चिया मामले में अब भी पर्दा-नाबालिक छात्रों से बर्बरता के मामले में लगभग दब गया है इसमें अब तक कोई भी एक्शन नहीं लिया गया है। इधर मासूम बच्चिया क्यों एक के बाद एक जान देना चाह रही थी इसके निष्पक्ष जांच के नाम पर बेहद सनसय की स्थिति बनी हुई है जहर खुरानी के मामले में पुलिस कोई भी कदम बढ़ाना नहीं चाह रही है विभागीय तौर पर उक्त मामले को ढकने का प्रयास जमकर हो गया है। बताया जा रहा है एकलव्य परिसर के भीतर परीक्षा का हवाला देकर सभी बच्चों को मुंह ना खोलने के लिए बेहद दबाव बना लिया गया है।विधानसभा से लेकर आयोग तक पहुंचा मामला-छात्राए एक के बाद एक खुदकुशी करने का प्रयास, बालकों को दुर्दांत तरीके से पीटने के मामले को लेकर खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक भोलाराम साहू विधानसभा में प्रश्न लगाये है वहीं अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से संपूर्ण मामले की जांच प्रतिवेदन मांगा है।हॉस्टल से घर क्यों भेजे जा रहे हैं छात्राएं-इन संपूर्ण घटनाक्रम के बीच बेहद सनसनी खेज जानकारी एकलव्य आवासीय विद्यालय को लेकर मिली है यहां अध्यनरत कई छात्राओं को परीक्षा तक घर में रहने को लेकर घर भेज दिया गया है इन बच्चियों के साथ विद्यालय के चार दिवारी के भीतर क्या हुआ क्यों बच्चियों को स्कूल में अध्यापन के बजाय घर भेजा गया है इन सारे जवाबो से केंद्रीय विद्यालय और सहायक आयुक्त संजय कुर्रे पीठ दिखा रहे हैं।






