बीजापुर जिले में कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति पर विधायक विक्रम मंडावी की गंभीर आपत्ति,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,,

0
25

बीजापुर जिले में कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति पर विधायक विक्रम मंडावी की गंभीर आपत्ति,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,,

कुचनूर कोरंडम खदान को बिना ग्राम सभा और जनसुनवाई के पर्यावरण स्वीकृति देना चिंताजनक- विक्रम मंडावी

बीजापुर/ भोपालपटनम ,,,,,,,

बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने बुधवार को भोपालपट्नम में एक प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा की विष्णुदेव साय की सरकार और केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार ने मिलकर बीजापुर जिले के ग्राम कुचनूर (तहसील भोपालपटनम) में खसरा नंबर 826, रकबा 3.70 हेक्टेयर पर स्थित कोरंडम खदान के लिए छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) को 1.0 टन प्रतिवर्ष क्षमता की पर्यावरण स्वीकृति जारी कर दी है। यह स्वीकृति राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण द्वारा पत्र क्रमांक SEIAA/C.G./Mines/520996/2025 दिनांक 20.12.2025 के माध्यम से दी गई है। विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा सरकार के इस फैसले को पूरी तरह से जनता के खिलाफ, आदिवासियों के अधिकारों के खिलाफ और लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ कहते हुए इसे चिंताजनक बताया है।
विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए आगे कहा है कि पेस एक्ट (PESA – Panchayats (Extension to Scheduled Areas) Act, 1996), पंचायत राज अधिनियम और वन अधिकार अधिनियम के तहत आदिवासी बहुल इलाकों में किसी भी खनन या विकास परियोजना के लिए ग्राम सभा की अनुमति और सहमति अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में ग्राम कुचनूर की ग्राम सभा से कोई परामर्श नहीं किया गया, कोई जनसुनवाई नहीं हुई और न ही पंचायतों को सूचित किया गया। यह स्पष्ट रूप से आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि “भाजपा सरकार जानबूझकर ग्राम सभाओं को नजरअंदाज कर रही है ताकि बड़े कॉर्पोरेट हितों को फायदा पहुंचाया जा सके।”
विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि पर्यावरण स्वीकृति प्रक्रिया में जनसुनवाई (Public Hearing) अनिवार्य है, जहां स्थानीय लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें। लेकिन यहां कोई जनसुनवाई नहीं हुई। “यह सारी प्रक्रिया चुपके-चुपके पूरी की गई है।” छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को यह लीज और स्वीकृति बिना स्थानीय लोगों की राय के दी गई है। यह संविधान के पांचवी अनुसूची, पंचायती राज व्यवस्था, पेसा कानून, वन अधिकार कानून और लोकतंत्र का मजाक है!
विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि बीजापुर जिला आदिवासी बहुल और अबूझमाड़ क्षेत्र से लगा हुआ जिला है। “यहां के लोग जंगल, जमीन और पानी पर निर्भर हैं। लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार जानबूझकर बस्तर के आदिवासियों को विकास के नाम पर उनके जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से बेदखल करने का षड्यंत्र कर रही है।”
इसके साथ ही विधायक विक्रम मंडावी ने डबल इंजन की भाजपा सरकार से मांग करते हुए कहा कि, कुचनूर कोरंडम खदान के पर्यावरण स्वीकृति को तत्काल रद्द किया जाए। ग्राम सभा की बैठक बुलाकर उनकी सहमति ली जाए। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से दोबारा शुरू की जाए, जिसमें जनसुनवाई अनिवार्य हो। बस्तर संभाग में आदिवासियों के अधिकारों का सम्मान किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में आदिवासियों के अधिकारों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

इस दौरान श्री बसंत राव ताटी जी पूर्व सदस्य जिला पंचायत बीजापुर , श्री कामेश्वर गौतम जी पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत भोपालपटनम, श्री वल्वा मदनैया जी, श्री रमेश पामभोई जी, श्री अरुण वासम जी , श्री मिच्चा सम्मैया जी, श्री विजार खान जी, श्री चलपत उद्दे जी, श्री नरेन्द्र मट्टी जी एवं कांग्रेसी नेता गण मौजूद रहे।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here