बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया में दो नए सुरक्षा कैम्प इस थापित ,ग्रामीणों को अब मिलेगी हर बुनियादी सुविधाएं।,,,
,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,
नक्सलियों का सेफ जोन अब विकास का नया ठिकाना।
बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया में दो नए सुरक्षा कैम्प स्थापित, ग्रामीणों को मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं ।
बीजापुर।,,,,,,,,,,,,,,,, कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाला इलाका अब विकास की नई इबारत लिखने जा रहा है। बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती गांव उल्लूर और चिल्लामरका में गुरुवार को सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्ला नार” के तहत उठाया गया यह कदम क्षेत्र में सुरक्षा और विकास की नई राह खोलेगा। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस दिखाते हुए इन कैम्पों की स्थापना की। इससे न केवल नक्सलियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता का भरोसा शासन-प्रशासन पर मजबूत होगा।
जन-सुविधाओं का विस्तार।
इन कैम्पों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस दुकानें और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, भोपालपटनम् से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और गढ़चिरौली तक के संपर्क मार्ग सुदृढ़ होंगे। साल 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 36 सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इस दौरान 496 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 193 मारे गए और 900 गिरफ्तार किए गए। यह आंकड़े सुरक्षा अभियान की रणनीतिक सफलता को रेखांकित करते हैं।
इस अभियान की सफलता में आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., आईजी केरिपु ऑप्स रायपुर शालिन, डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, डीआईजी केरिपु रेंज बीजापुर बी.एस. नेगी और एसपी बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और सुरक्षाबलों के समर्पण को विशेष श्रेय दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिक इन कैम्पों की स्थापना से बेहद उत्साहित हैं। उनका मानना है कि यह पहल उनके जीवन में स्थायित्व, शांति और समृद्धि लाएगी। पिछले दो वर्षों में जिले में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, और अब नेशनल पार्क एरिया का यह हिस्सा भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।






