Wednesday, April 29, 2026

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“दस्तावेज़ नहीं… तो बहन का कंकाल ही लेकर पहुंच गया बैंक!”मजबूरी इतनी बढ़ गई कि उसने बहन की कब्र खोदकर अवशेष (कंकाल) निकाले और उन्हें लेकर बैंक पहुंच गया…।

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“दस्तावेज़ नहीं… तो बहन का कंकाल ही लेकर पहुंच गया बैंक!”

ओडिशा:-

ओडिशा के क्योंझर जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है।

एक गरीब व्यक्ति अपनी मृत बहन के बैंक खाते से करीब ₹20,000 निकालने के लिए बैंक के चक्कर काटता रहा।

बैंक ने नियमों के तहत डेथ सर्टिफिकेट या वैध दस्तावेज़ मांगे।

लेकिन गरीबी और जानकारी के अभाव में उसके पास कोई कागज नहीं था।

मजबूरी इतनी बढ़ गई कि उसने बहन की कब्र खोदकर अवशेष (कंकाल) निकाले और उन्हें लेकर बैंक पहुंच गया… ताकि मौत साबित कर सके!

सवाल सिस्टम से…

क्या गरीबों के लिए प्रक्रिया इतनी कठिन होनी चाहिए?

क्या बिना दस्तावेज इंसान की बात की कोई कीमत नहीं?

आखिर जिम्मेदार कौन — सिस्टम या हालात?

बैंक की सफाई

बैंक का कहना है कि उन्होंने नियमों के अनुसार दस्तावेज़ मांगे, किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया।

असली मुद्दा

सिस्टम v/s जागरूकता की कमी

गरीबों के लिए जटिल प्रक्रिया

मानव संवेदना बनाम नियम

Rkbharatnews की अपील

“जरूरत है सिस्टम को आसान बनाने की, ताकि किसी को अपने अपनों की हड्डियां लेकर दर-दर न भटकना पड़े।”

 

 

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