मनीष कौशिक
मोहला:–हमारी लड़ाई पुलिस प्रशासन और सरकार तथा स्थानीय भाजपा नेताओं से नहीं है ,, हमारी लड़ाई मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के भ्रष्ट पुलिस व्यवस्था, षड्यंत्र कारी खाकी के खिलाफ है जिनकी कार्य प्रणाली ईमानदार सरकार की छवि को खराब कर रही है।अंबागढ़ चौकी विकासखंड के निवासी पत्रकार साथी केजन साहू और उनकी बिमार आसक्त पत्नी, 70 वर्षीय पिता के साथ प्रेस क्लब मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के आंचलिक पत्रकार खड़े हैं जिन पर मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की पुलिस ने बेहद संगीन मामला दर्ज किया हुआ है। एक ही मामले में दो-दो बार एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।अब एक मामले में हमारे जिले कि पुलिस षड्यंत्र कर पत्रकार सहित उसके परिवार को दो-दो बार सजा दिलाएगी इसी लिए एक ही प्रकरण में पृथक पृथक एक से अधिक एफआईआर दर्ज कर नस्तीबद्ध फाइल को बगैर न्यायालय के अनुमति के राजनीतिक दबाव में पुनः फिर से विचार में लाते हुए घातक मामला दर्ज कर उस परिवार के जिंदगी के साथ खेल दिया गया है, कुछ ऐसा ही कारनामे के साथ चिल्हाटी थाने में जमीन विवाद पानी निकासी के मामले मे पुलिस प्रशासन के डीएसपी नेहा पावर ने अपने जांच उपरांत 20 जून 2025 को प्रतिबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अबागढ चौकी तहसील न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करते हुए मामले में स्पष्ट तौर पर जांच प्रतिवेदन मे रिपोर्ट सबमिट है कि जातिगत आवेदन बढ़ा चढ़ा कर प्राथीया के द्वारा दिया गया है और मामले को नास्तिबंद कर दिया। अब इसी मामले में 3 महीने बाद 9 सितंबर देर रात चिल्हाटी थाने में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने जातिगत प्रताड़ना गाली गलौज का प्रकरण दर्ज कर लिया जिसके चलते पुलिस प्रशासन पूरे मामले में घिर गई है अब झूठ के पुलिंदा को सच दिखाने अपनी करवाई को सही साबित करने पुलिस के अफसर इस हद तक षड्यंत्र करेगे वो भी एक महिला अधिकारी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती मामले में क्लीन चिट देने वाली डीएसपी नेहा पवार 13 सितंबर को बंदूक धारी पुलिस टीम के साथ दोपहर बाद कहाडकसा गांव जांच के नाम पर पहुची जहां पत्रकार केजन साहू और उसके परिवार के अनुपस्थिति में प्रकरण से जुड़ी महिला प्रार्थी के पति अन्य परिजनों तथा मामला से एक तरफ से जुडे गवाहो को लेकर घर में प्रवेश किया यहां तक सब ठीक है। परंतु मैडम जी झूठ को सच साबित करने जिस सीसी टीवी कैमरा के एंगल को बाथरूम की ओर होना और सीसी कैमरा मे रिकॉर्डिंग को अति वांछित बताने को लेकर एफआईआर दर्ज किया गया है उसे साबित करने बाथरूम से सटे झाड़ियो, पेड़, पौधों को सामने खड़े होकर आवेदिका के पति से साफ करवा रही है ताकि अब सीसीटीवी कैमरे का वीडियोग्राफी सीधे उनके बाथरूम को क्लियर दिखा पाए और पुलिस के अफसर यह साबित कर सके कि पत्रकार केजन साहू अपने परिवार और अपने घर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा नहीं किसी वांछित नहाने धोने का वीडियोग्राफी के लिए घर में कैमरा सेट करवाया है।यह संपूर्ण घटनाक्रम त्रिनेत्र में दर्ज हो गया है। और दो पड़ोसियों का पानी निकासी, जमीन विवाद का मामला किस तरह राजनीतिक दबाव में सगीन प्रकरण मे तब्दील हो गया यह चौंकाने वाला है , हद तो इस बात की है कि भाजपा के रामराज में पुलिस कि एक महिला डीएसपी झूठे प्रकरण को सही साबित करने किस हद तक जा सकती है।






