Thursday, April 16, 2026

UDYAM CG08D0001018

register form
Home छत्तीसगढ़ भोपालपटनम में भव्य कांवड़ यात्रा सम्पन्न, 500 कांवड़ियों और 200 महिला श्रद्धालुओं...

भोपालपटनम में भव्य कांवड़ यात्रा सम्पन्न, 500 कांवड़ियों और 200 महिला श्रद्धालुओं ने किया शिव जलाभिषेक,,,,, ,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

0
116

भोपालपटनम में भव्य कांवड़ यात्रा सम्पन्न, 500 कांवड़ियों और 200 महिला श्रद्धालुओं ने किया शिव जलाभिषेक,,,,,

,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

श्रावण मास के चौथे सोमवार पर इंद्रावती नदी से जल भरकर भोलेनाथ की पूजा, नगर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

भोपालपटनम,,,,,,,,,,,,,,- श्रावण मास के पावन अवसर पर भोपालपटनम स्थित प्राचीन शिव मंदिर में चौथी वार्षिक भव्य कांवड़ यात्रा श्रद्धा और भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। इस विशेष आयोजन में भोपालपटनम सहित आस-पास के ग्रामीण अंचलों से 500 कांवड़िए और 200 महिला श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने इंद्रावती नदी तिमेड़ घाट से पवित्र जल भर 4 किलोमीटर की पैदल चल शिव मंदिर पहुँचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

सुबह 8 बजे मां गंगा की पूजा-अर्चना के साथ कांवड़ यात्रा की शुरुआत हुई। पारंपरिक वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं ने कांधे पर कांवड़ उठाकर ‘हर हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के साथ मंदिर की ओर पदयात्रा की। रास्ते भर श्रद्धालुओं का फूलों की वर्षा से स्वागत किया गया। गोल्लागुड़ा चौक पर पेयजल की व्यवस्था नगर पंचायत द्वारा की गई थी।

इस बार की यात्रा की विशेष बात रही महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी। 200 महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर मंदिर तक पैदल यात्रा की और भगवान शिव की आराधना में सहभागी बनीं।

शिव मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगे गेंदा फूलों, भगवा तोरणों और झंडों से सजे परिसर ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की। मंदिर पहुंचकर सभी कांवड़ियों ने विधिवत रूप से शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। यात्रा के पश्चात मंदिर समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।

इस आयोजन को सफल बनाने में नगर पंचायत भोपालपटनम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन ने भी महत्त्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। सुरक्षा, सफाई और पेयजल की व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

शिव मंदिर समिति ने बताया कि कांवड़ यात्रा की यह परंपरा वर्ष 2022 से लगातार जारी है और हर वर्ष इसमें श्रद्धालुओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है। यह आयोजन धार्मिक, सामाजिक समरसता, सेवा और एकजुटता का प्रतीक बन चुका है।

श्रावण के चौथे सोमवार को आयोजित यह कांवड़ यात्रा भोपालपटनम में धार्मिक चेतना और संस्कृति का जीवंत उत्सव बनकर उभरी, जिसमें श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here