Saturday, April 18, 2026

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*अव्यवस्था के चलते शिविर मे उपस्थित लोगो को हुई परेशानी। चाय नास्ता सहित पानी व बैठने की उचित व्यवस्था नही थी।लोगो को पहचान पहचान कर दिया गया चाय नास्ता किसी को मिला किसी को नही। आर, एल, कुलदीप की खबर।*

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*अव्यवस्था के चलते शिविर मे उपस्थित लोगो को हुई परेशानी। चाय नास्ता सहित पानी व बैठने की उचित व्यवस्था नही थी।लोगो को पहचान पहचान कर दिया गया चाय नास्ता किसी को मिला किसी को नही।

आर, एल, कुलदीप की खबर।*

 

दुर्गूकोंदल, मिचगांव:-

ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम पुडो मिचगांव में विद्यालय में आज 17जून को ग्रामीण स्तरीय मूलभूत समस्या निवारण शिविर का आयोजन हुआ। इस शिविर में पहुंचे पालक व ग्रामीण परेशान होते रहे।

 

शिविर स्थल पर ही समस्या का निराकरण न होने से लोगों को परेशानी हुई। लोगों ने कहा कि तय कार्यक्रम के अनुसार ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण शिविर स्थल में ही होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 

शासन-प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। ग्राम पंचायत साधूमिचगांव में लाटमरका से लेकर आसपास के ग्राम पंचायत के ग्रामीण वहां पहुंचे थे।

 

ग्राम स्तरीय मूलभूत समस्या निवारण शिविर का आयोजन हुआ। यहां स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभाग के कर्मचारी बैठेथे।

 

चाय नास्ता सहित पानी व बैठने की उचित व्यवस्था नही थी।लोगो पहचान पहचान कर दिया गया चाय नास्ता किसी को मिला किसी को नही।

 

जब ग्रामीणों ने यहां अपनी समस्याएं बताई तो यहां बैठे अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आवेदन फ़ार्म का निराकरण का समय विभागीय द्वारा कराया जायेगा।

 

 

इसी तरह यहां आधार अपडेट,आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई। उन्हें भी पूर्व में ही सभी दस्तावेज स्कूल में जमा करने कह दिया गया था, लेकिन जब शिविर में पहुंचे तब उन्हें इन सब दस्तावेजों को आनलाइन करने कहा गया। इससे सभी परेशान हुए। चिलचिलाती गर्मी में यहां जमीन संबंधी व अन्य काम को लेकर पहुंचे लोग परेशान होते रहे।

 

कई लोगों का शिविर में काम नहीं हुआ, जिससे वे परेशान हुवे।

 

उनका कहना है कि शिविर स्थल में ही समस्या का निराकरण किया जाना चाहिए। अशोक कोमरा हरिचंद कावडे ने कहा कि शासन-प्रशासन को शिविर स्थल में पर्याप्त सुविधाएं देनी चाहिए। यहां आने के बाद लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। अशवन जाडे लाटमरका ने बताया कि शिविर में सभी दस्तावेज को लाने के बाद काम होने कहा गया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ ऐसे में परेशानी हुई।

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