*प्राचार्य पदोन्नति मामले में हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस पूरी*
*पदोन्नति के लिए बीएड की डिग्री की अनिवार्यता की रखी – है मांग, शासन सोमवार को रखेगा अपना पक्ष*
बिलासपुर। प्राचार्य पदोन्नति मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। अब सोमवार 16 जून को लेकर प्रतिवादी राज्य शासन के अधिवक्ता अपना पक्ष रखेंगे। व्याख्याता से प्राचार्य पद पर पदोन्नति को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में आधा दर्जन से ज्यादा याचिकाएं दायर की गईं हैं। जस्टिस रजनी दुबे व जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच में बीते 11 जून से लगातार सुनवाई चल रही है। समर
वेकेशन के बाद इस मामले की सुनवाई हो रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने अपनी बहस पूरी कर ली है। सोमवार को डिवीजन बेंच के समक्ष पदोन्नति को लेकर राज्य शासन के अधिवक्ता अपना पक्ष रखेंगे। राज्य शासन के विधि अधिकारियों की दलीलों के बाद हस्तक्षेप याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पैरवी करेंगे।
11 जून से हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। शुक्रवार को भोजनावकाश से ठीक पहले याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अपनी बहस पूरी की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने व्याख्याता से प्राचार्य के पद पर पदोन्नति के लिए
बीएड की डिग्री की अनिवार्यता बताई और बीएड डिग्रीधारकों को ही प्राचार्य के पद पर पदोन्नति देने की मांग की। बीएड डिग्री के अलावा याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने प्रधान पाठक माध्यमिक विद्यालय से पदोन्नत व्याख्याता की वरिष्ठता के
मुद्दे को भी सामने रखा। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं की बहस पूरी होने के बाद डिवीजन बेंच राज्य शासन तथा प्राचार्य पदोन्नति फोरम द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं द्वारा पेश किए जाने वाले तकौं को सुनेगी।






