- बस्तर, छत्तीसगढ़। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता समीर खान ने आज एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में लंबे समय से जारी माओवादी गतिविधियों और इससे जुड़े संघर्ष ने बस्तर के मूल निवासियों को अपार पीड़ा दी है। दशकों से जारी इस हिंसा और उपेक्षा ने न सिर्फ लोगों की जान ली है, बल्कि बस्तर के नौजवानों का भविष्य भी अंधकारमय बना दिया है।
- समीर खान ने कहा, “बस्तर की धरती खनिज संपदा से भरपूर है, लेकिन इसके असली वारिस – यहां के आदिवासी और ग्रामीण – आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। विकास के नाम पर बाहरी हस्तक्षेप हुआ, लेकिन बस्तर के लोगों की आवाज़ को दबा दिया गया। जब यहां के लोग दोनों ओर से – सरकार की और माओवादियों की गोली का शिकार हो रहे थे, तब नक्सलवाद फैलाने वाले तथाकथित नेताओं ने चुप्पी साध रखी थी।”
- उन्होंने आगे कहा, “आज जब बस्तर के लोग जागरूक हो रहे हैं, शांति की राह पर चलने को तैयार हैं, तो यह जरूरी है कि राज्य और केंद्र की डबल इंजन सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस योजनाएं बनाएं।”
- समीर खान ने निम्नलिखित मुख्य मांगों और सुझावों को साझा किया



