Sunday, April 19, 2026

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कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 बिल के खिलाफ देश भर के मजदूर संगठनों द्वारा 20 मई को आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का पूर्ण समर्थन : नवनीत चांद

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बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) देश के सभी मजदूर संगठनों द्वारा कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 बिल के खिलाफ आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का पूर्ण समर्थन करते हैं। यह बिल मजदूरों के हितों पर कुठाराघात करता है और खासकर बस्तर संभाग के माइनिंग क्षेत्र के मजदूरों की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा को खतरे में डालता है।

“कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 बिल मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाला एक खतरनाक कानून है। बस्तर के माइनिंग मजदूर पहले से ही असुरक्षित और अमानवीय परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। खदानों में उनकी जान हमेशा खतरे में रहती है, और उन्हें न तो उचित मजदूरी मिलती है और न ही सामाजिक सुरक्षा। यह बिल उनकी स्थिति को और बदतर करेगा। बस्तर के मजदूरों की मेहनत और बलिदान पर यह बिल एक क्रूर मजाक है। हम इस बिल का पुरजोर विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि इसे तत्काल रद्द किया जाए। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) मजदूरों के इस आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं और उनके हक की लड़ाई को हर मंच पर उठाएंगे।”

बस्तर संभाग के माइनिंग क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को रोजाना जानलेवा परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। खदानों में सुरक्षा उपायों का अभाव, अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, और न्यूनतम मजदूरी की कमी उनकी जिंदगी को और कठिन बनाती है। दुर्घटनाओं में घायल होने या जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को कोई उचित मुआवजा नहीं मिलता। कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 बिल में गिग और प्लेटफॉर्म कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दावा किया गया है, लेकिन यह प्रावधान बस्तर के माइनिंग मजदूरों की वास्तविक जरूरतों को पूरा नहीं करता। यह बिल नियोक्ताओं को और शक्ति देता है, जिससे मजदूरों का शोषण और बढ़ेगा।

*हमारी मांगें:*
१. कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 बिल को तत्काल निरस्त किया जाए।

२. बस्तर के माइनिंग मजदूरों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, उचित मजदूरी, और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

३. खदान दुर्घटनाओं में प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों को तत्काल मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए।

४. मजदूर संगठनों के साथ गहन चर्चा के बाद ही कोई नया श्रम कानून लागू किया जाए।

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) इस ऐतिहासिक हड़ताल में देश के सभी मजदूर संगठनों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं। हम बस्तर के माइनिंग मजदूरों की पीड़ा को हर मंच पर उठाएंगे और उनके न्याय की लड़ाई को मजबूती से लडे़ंगे

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