तारलागुडा, कोत्तूर गांव में फैली अज्ञात बीमारी, एक हफ्ते में दो ग्रामीणों की मौत,,,,,,
,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,
बुखार हाथ पैर दर्द की है शिकायत, पूरा गांव बीमारी की जद में।
अज्ञात बीमारी से एक हफ्ते में दो ग्रामीणों ने तोड़ा दम।
दो दिन पहले औपचारिकता निभाकर लौटी स्वास्थ्य विभाग की टीम।
इलाज के लिए तेलंगाना का रुख कर रहे मरीज।
तारलागुडा अस्पताल में अज्ञात बीमारी के लक्षण वाले 20 मरीज है एडमिट,डेंगू का एक व टाइफाइड के दो मरीज मिले।
बीजापुर,,,,,,
मुख्यालय से 36 किमी दूर नेशनल हाइवे पर बसे तारलागुडा, कोत्तूर गांव में बुखार हाथ पैर में दर्द की शिकायत ने पूरे इलाके को अपने जद में ले लिया है। मरीजो की संख्या बहुत ज्यादा हो चुकी है।
बुखार हाथ पैर दर्द से पीड़ित मरीज खाट से नही उठ पा रहे है। लगातार यह तकलीफ बढ़ती जा रही है गांव के कई ग्रामीण इस समस्या से घिरे हुए है। इस बीमारी के चलते एक हफ्ते में दो ग्रामीणों की मौत हुई हैं। ग्रामीणों की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है ग्रामीणों ने बताया कि एक के बाद एक को यह समस्या आ रही है पहले हाथ पैर दर्द उसके बाद तेजी से बुखार जकड़ ले रही है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि वे इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जा रहे है लेकिन कोई खास उपचार नही मिल पा रहा है पिछले पंद्रह दिनों से यह शिकायत है धीरे-धीरे पूरा गांव इसकी चपेट में है। इस अज्ञात बीमारी के चलते गांव में दहशत का माहौल बना हुआ हैं। वही ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में स्टॉप भी मरीजो को सहयोग नही कर रहा है। वही स्टॉप का मरीजो के प्रति रवैया भी ठीक नही है। बीमारी से ग्रषित ग्रामीण रोजाना अस्पातल पहुँच रहे है।
अज्ञात बीमारी से एक हफ्ते में दो ग्रामीणों ने तोड़ा दम।
एक हफ्ते में अज्ञात बीमारी से दो ग्रामीणों की मौत पर पूरा गांव मातम में पसरा हुआ है 20 वर्ष की छात्रा रजनी यालम को दो दिन पहले बुखार आया था उसका इलाज तारलागुडा के उपस्वस्थ्य केंद्र में चला था उसके बाद भोपालपटनम लाया गया यह से बीजापुर फिर तेलंगाना MGM वारंगल हॉस्पिटल ले जाया गया उपचार के दौरान मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया हैं। वही गांव के अधेड़ उम्र के मुत्तेराव देवर चार दिन से बुखार व हाथ पैर में दर्द से जूझ रहे थे रविवार को उनकी मौत हो गई कोत्तूर में एक सप्ताह में दो मौत के बाद मातम पसरा हुआ है।
दो दिन पहले औपचारिकता निभाकर लौट आई स्वास्थ्य विभाग की टीम।
ग्रामीण बुखार हाथ पैर में दर्द की शिकायत से जूझ रहे है। इसकी जानकारी तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग को मिली सूचना मिलते ही बीएमओ ने ब्लाक मुख्यालय से टीम तैयार कर भेजा गया था विभाग की टीम ने ग्रामीणों के ब्लड सेम्पल कि जांच की है उसमे उन्हें कुछ पता नही चला स्वास्थ्य विभाग ने बुखार और दर्द की गोलियां बाटकर वापस लौटी है।
इलाज के लिए तेलंगाना जा रहे मरीज।
मरीजो की तबीयत बिगड़ने से वे तेलंगना का रुख कर रहे है तारलागुडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्ण सुविधाएं उपलब्ध नही है। फिर भी रोजाना 8-10 मरीज एडमिड हो रहे है रोजाना इस बीमारी के मरीज 25 से 30 की ओपीडी आ रही है जिसका इलाज किया जा रहा है। ज्यादा तकलीफ वाले ग्रामीण तेलंगाना जाकर इलाज करवा रहे है।
तारलागुडा अस्पताल में अज्ञात बीमारी के लक्षण वाले एडमिट है मरीज।
अस्पताल अज्ञात बीमारी के लक्षण वाले मरीज रोजाना अस्पताल पहुँच रहे हैं शनिवार को किष्ठाबाई दुर्गम, मेघना यालम, यमुना, अंकुश वासम, जरना यालम, रोहणी यालम, बीआर पाठक, इकनेश एक्का, एडमिड रहे है। वही मतदान के दिन शुक्रवार को अमसा वासम, सुप्रिया यालम, समीरा यालम, पदमा यालम, रामबाबू देवर, नम्रता जव्वा, रवना टिंग्गे, विश्वजीत यालम, आरगेल तिपली, आरगेल सतीश एडमिड रहे है।
डेंगू का एक व टाइफाइड के दो मरीज मिले।
कोत्तूर गांव में आरिगेल सतीश डेंगू पॉजिटिव आया है, उसका इलाज तेलंगाना के किसी निजी अस्पताल में चल रहा था,वही इस गांव में कुरसम अमर, विश्वजीत यालम, टाइफाइड पॉजिटिव आए है इनका इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
डॉ. के. चलपति राव बीएमओ के अनुसार
डॉ. चलपति राव ने बताया कोत्तूर गांव का डोर-टू-डोर सर्वे करवाया गया है 125 घरों का सर्वे कर 477 लोगो की जांच की गई है वही 34 लोगो का सेंपल डेंगू टेस्ट के लिए मेडिकल कालेज जगदलपुर भेजा गया है। बीएमओ ने बताया कि वाइरल बुखार या चिकन गुनिया हो सकता है जो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
सरपंच के अनुसार,,,, ग्राम पंचायत कोत्तुर सरपंच पुनवती काका ने कही कि कोत्तुर में 148 मकान है, लगभग पाँच सौ लोग रहते है, 20-25 दिनों से पूरे गांव में महामारी की स्थिति है एक सप्ताह के भीतर दो लोगों की मौत हो गई है। गांव के बुजुर्ग व बच्चे भी इस बीमारी के चपेट में आ रहे है। कई लोग पड़ोसी राज्य तेलंगाना जाकर इलाज करवा रहे है।समय रहते अगर शासन प्रशासन ध्यान नहीं दिया तो अगल बगल के पंचायतों में भी यही घटना होने की संभावना जताई जा रही है






