*ना आंधी ना तूफान कैसे हो तुम बैमान..।।रोज दिन हो या रात दस मिनट में चले जाना आने में घंटो लगाना,ऐ कैसा है तमाशा है कहां है तेरा ईमान.।।
और कहते हो समय में पैसा देना नहीं तो ओवर चार्ज देकर जाना।आर.एल कुलदीप की रिपोर्ट:-*
कांकेर/कापसी:-
विधुत विभाग की लापरवाही तो हर उपभोक्ताओं को पता है उसी तरह आज बड़े कापसी में यह देखने को मिला है जहां विभाग के साथ साथ ठेकेदार भी अंधा हो गया है कि बिना रीडिंग के बिल भेजना चालू कर दिया है उससे उपभोक्ताओं को असुविधाएं तो होती है लेकिन ठेकेदार और विधुत वितरण कम्पनी के अफसरों को फायदा होता है ।
क्योंकि उपभोक्ता अपना बिजली कटने के डर से रकम पटा देते है।
*ना आंधी ना तूफान कैसे हो तुम बैमान..।।रोज दिन हो या रात दस मिनट में चले जाना आने में घंटो लगाना,ऐ कैसा है तमाशा है कहां है तेरा ईमान..।।
छत्तीसगढ़ का एक ऐसा क्षेत्र जहां आदिवासी सहित बंग समुदाय के लोग निवासरत है जहां पहले बीएसएनएल ही रहा रहता था लेकिन मोदी जी का डिजिटन इंडिया आकर अंबानी का जीओ टावर लगा दिया फिर भी भारत-सरकार मोदी सरकार कहां लेकर चले जाते हैं क्षेत्र के बजट को अभी तक नहीं पहुंची डिजिटल इंडिया।
मई 2018में जब भाजपा की सरकार थी तब कोयलीबेडा ब्लाक के आश्रित ग्राम माटोली में मुख्यमंत्री की आमजनों के लिए सभा का आयोजन किया गया था उस सभा में मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपए का शिलान्यास किया साथ ही परलकोट क्षेत्र को 132/33केवी का पावर स्टेशन का भी शुभारंभ किया है लेकिन बेशर्म यहां के अधिकारी यहां के कर्मचारी यहां के जनप्रतिनिधि जोकि जनता के हित ना चाहते हुवे हमेशा प्रतिदिन सुबह से शाम तक सैकड़ों बार बिजली बंद कर उपभोक्ताओं को परेशान कर तें रहते हैं,,,।
जिससे लोगों को परेशानियां तो होती ही है साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक समाने भी खराब हो जाती क्योंकि बार बार बिजली बंद होना फिर चालू होना जिससे वोल्टेज में उतार चढाव होती रहती है जिससे लोगों की समाने खराब हो जाती है।
इससे ठेकेदार और विधुत विभाग के अधिकारियों को कोई भी फर्क नहीं पड़ता है भार तो सिर्फ और सिर्फ उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ता है उन्हें तो सिर्फ प्रशासन को फाईलों में पुरा कर मेंटनेंस दिखाना ।।
*बिजली बार बार बंद होने का मुख्य कारण अधिकारी व ठेकेदार को भी पता है पर अपना जेब गर्म करने के बजाय उन्हें कुछ भी नजर नहीं आता है।।।।*
यहां मैं आर,एल, कुलदीप बता दूं कि टीसी कनेक्शन के नाम पर किसानों से पैसा इकट्ठा कर आनन-फानन में मौके पर किसानों को कनेक्शन दे देते और और किसान कनेक्शन ले लेते हैं ।
लेकिन वही विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों ठेकेदार परमानेंट उपभोक्ताओं को ठीक तरह से विधुत सप्लाई नहीं कर पाते जिसके चलते यहां उपभोक्ताओं को नुकसान होता है।
विधुत विभाग यहां तक कर लेता है कि उपभोक्ताओं के घर में रीडिंग करने जानेवाले का भी रोजी उपभोक्ताओं से लेता है,,,,।अगर नहीं दिये तो कनेक्शन कट,,,,,,।
अब आप ही बताईए हमारे कलेक्टर महोदया कि कितनी बड़ी लापरवाही है विभाग का।।।।।।
क्या सरकार ऐसे ही उपभोक्ताओं का किसानों का बिजली बिल माफ करती है की लुटती है।।।
ये आज की बात नहीं है हमेशा की रवैया है इस पर आपको भी ध्यान देना है,,,,और जनता की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करना है,,,, महोदया।






