महासमुंद : महासमुंद जिला के सरायपाली विकासखण्ड के विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक सतीश स्वरूप पटेल की पांच बिंदुओं पर संयुक्त संचालक रायपुर शिक्षा विभाग से शिकायत की गई है।


आपको बता दें कि यह शिकायत छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय सचिव श्री रुपानंद पटेल ने किया है। श्री रुपानंद पटेल ने सरायपाली विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक सतीश स्वरूप पटेल के ऊपर कुल पांच बिंदुओं को लेकर संयुक्त संचालक, संभाग रायपुर शिक्षा विभाग से शिकायत किया है।
आपको बता दे की रुपानंद पटेल ने अपने शिकायत में उल्लेख किया हैं की सतीश स्वरूप पटेल एक शासकीय कर्मचारी, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक होकर भी आनलाईन यूट्यूब चैनल के माध्यम से रुपये अर्जित किया हैं, यहाँ तक सतीश स्वरूप पटेल ने अपने आनलाईन यूट्यूब चैनल को लेकर लोगों को सब्सक्राइब और लाईक, शेयर करने को लेकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म में कहते नजर आ रहे हैं। यहाँ तक खुद शिक्षक सतीश स्वरूप पटेल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म में आनलाईन यूट्यूब चैनल से अपनी कमाई का जिक्र किया है साथ ही उन्होंने सभी सब्सक्राइबर को धन्यवाद भी दिया है।
श्री रुपानंद पटेल द्वारा पांच बिंदुओं को लेकर संयुक्त संचालक से शिकायत –
*01.अनाधिकृत यूट्यूब चैनल संचालन एवं आर्थिक लाभ –

बिना विभागीय अनुमति के “ऑनलाइन एजुकेशन गुरुजी” नामक यूट्यूब चैनल का संचालन किया जा रहा है। इस चैनल को सब्सक्राइब एवं शेयर करने हेतु शिक्षकों एवं अन्य व्यक्तियों से आग्रह किया जाता है।
प्राप्त जानकारी अनुसार, उक्त चैनल से आर्थिक लाभ भी लिया जा रहा है, जो आचरण नियमों के विपरीत है।
02. वित्तीय अनियमितताएं –
विभागीय राशि का उपयोग वितीय नियमों के विपरीत किया गया। जानकारी के अनुसार, कार्यालय में पदस्थ श्रीमती सविता पटेल (संभवतः रिश्तेदार/परिचित) के नाम पर भी राशि जारी की गई, जो नियमविरुद्ध है।
*03. निजी निवास में अनाधिकृत प्रवेश एवं निजता का उल्लंघन-
दिनांक 23.07.2025 को शाम लगभग 5:00 बजे (कार्यालय समय के बाद) मेरे निजी निवास पर बिना अनुमति प्रवेश किया गया। मेरे पिताजी की निजी कंपनी के कार्यालय में भी बिना अनुमति प्रवेश कर मोबाइल से वीडियोग्राफी की गई। इस दौरान कोई वैधानिक आदेश, निर्देश या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।
*04. पद का दुरुपयोग एवं पक्षपात-*
अपने पद का उपयोग कर रिश्तेदारों एवं परिचितों को अनुचित लाभ प्रदान किया जा रहा है। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक हेतु शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।इस संबंध में बता दें कि अपने पत्नी को शैक्षिक भ्रमण में प्रभारी के तौर पर ले जाने के लिए उसके नाम और पद को भी परिवर्तन कर दिया है और खुद आदेश जारी किया है।
*05. पूर्व शिकायतें एवं गलत निर्णय में सहयोग-*
श्री पटेल के व्यवहार के संबंध में पूर्व में भी “शिक्षक साझा मंच, सरायपाली” द्वारा उच्च कार्यालय में शिकायत की जा चुकी है। इनके व्यवहार के कारण विकासखंड के शिक्षकों ने शाला प्रवेश उत्सव का विरोध किया था। युक्तियुक्तकरण समिति के सदस्य के रूप में कई गलत निर्णयों में सक्रिय सहयोग किया है।
BRC पर पत्नी को शैक्षणिक भ्रमण में शामिल करने का आरोप


मामला 10 फरवरी 2024 के शैक्षणिक भ्रमण (Exposure Visit) कार्यक्रम से जुड़ा है। जिला परियोजना कार्यालय ने आदेश जारी कर मिडिल क्लास (उच्च प्राथमिक) के बच्चों को बिलाईगढ़ क्षेत्र के शैक्षणिक स्थलों की सैर कराने की योजना बनाई थी। इस भ्रमण के लिए शिक्षकों की टीम भी गठित की गई थी। आरोप है कि सरायपाली के BRC ने आदेश में हेरफेर कर अपनी पत्नी का नाम टीम में शामिल कराया। सबसे बड़ा विवाद “जे.के. पटेल, शिक्षक, प्रा.शा. भोथलडीह ” नाम को लेकर है। शिकायत के अनुसार यह नाम वास्तव में जनक कुमारी पटेल का है, जो BRC की पत्नी और प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। आदेश में उनका पद बदलकर “शिक्षक” लिखा गया और पूरा नाम छिपाने के लिए केवल “जे.के. पटेल” अंकित किया गया।
यह सभी आरोप सरायपाली विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक सतीश स्वरूप पटेल के ऊपर लगे हैं। एक तरफ सरकार बडे़ बडे़ बैनर-पोस्टर और टेलीविजन, समाचार के माध्यम से शिक्षा का स्तर बढाने की बात कहते हैं वही दुसरी ओर सरायपाली विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक सतीश स्वरूप पटेल द्वारा चंद के रूपये के लालच में आकर यूट्यूब चैनल खोल लिया जिसमें आर्थिक लाभ उठा रहा है वही उनके कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं अब देखना है कि क्या संयुक्त संचालक, संभाग रायपुर शिक्षा विभाग ऐसे अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही करते है या फिर खानापूर्ति करके बचाने में लग जायेंगे।

