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*मोहला–विश्व आदिवासी दिवस पर मोहला-मानपुर में दिखी आदिवासी संस्कृति की भव्य झलक, हजारों की संख्या में जुटा समाज*

मनीष कौशिक

मोहला-मानपुर —– विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मोहला-मानपुर जिला मुख्यालय में रविवार को आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का भव्य नजारा देखने को मिला। जिले के वनांचल और विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हुए। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में समाज के लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

कार्यक्रम स्थल पर ढोल-मांदर की थाप, पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने पूरे वातावरण को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया। लाल लक्ष्मेंद्र शाह सहित अन्य सामाजिक एवं प्रतिनिधि पदाधिकारियों का मांदर की थाप के साथ स्वागत किया गया।महापुरुषों और पूर्वजों की पूजा-अर्चना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज के महापुरुष लाल श्याम शाह महाराज सहित अन्य महापुरुषों और पूर्वजों की पूजा-अर्चना के साथ की गई। समाज के लोगों ने अपने गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

बारिश के बीच भी कार्यक्रम में लोगों की मौजूदगी लगातार बनी रही। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे महिला, पुरुष और युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी जीवनशैली और परंपराओं की झलक पेश की।संस्कृति के साथ हक और अधिकारों की आवाज भी हुई बुलंद विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन में जहां आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन हुआ, वहीं समाज के विभिन्न मुद्दों को लेकर मंच से आवाज भी उठाई गई।संजीत ठाकुर ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे को उठाया। वहीं जिला पंचायत सदस्य नरसिंह भंडारी ने अवैध धर्मांतरण की बढ़ती गतिविधियों और आदिवासियों की जमीनों पर कथित तौर पर नजर बनाए बैठे जमीन दलालों का मुद्दा उठाया।विधायक इंद्रशाह मंडावी ने आदिवासी संस्कृति, बोली और भाषा के संरक्षण पर जोर देते हुए समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता बताई।सर्व आदिवासी समाज ने एकजुटता का दिया संदेशसर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष तुलाराम पिस्दा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के माध्यम से समाज ने एक मंच पर एकजुट होकर अपनी ताकत और एकता का संदेश दिया है। उन्होंने इसे समाज के लिए एकता दिवस के रूप में मनाए जाने की बात कही।उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। पिस्दा के अनुसार, युवा प्रभाग की ओर से सर्व आदिवासी समाज के समक्ष यह मांग रखी गई है कि रायपुर जाकर जाति प्रमाण पत्र मामले में दूसरे पक्ष नम्रता सिंह को समर्थन देने वाले लोगों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सर्व आदिवासी समाज उचित कार्रवाई करेगा।12 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को सौंपा ज्ञापन विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज ने हजारों की संख्या में बड़ी रैली की जो कि गोंडवाना भवन से निकलकर लाल श्याम शाह बस स्नातक होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामलों में कार्रवाई, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार, पांचवीं अनुसूची के संवैधानिक प्रावधानों का पालन तथा स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों को भर्ती में प्राथमिकता देने सहित विभिन्न मांगों को शामिल किया गया।समाज का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से शासन-प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज ने शासन-प्रशासन से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेने की अपील की।संस्कृति, परंपरा और अधिकारों का संगम बना आयोजन मोहला जिला मुख्यालय में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस का यह कार्यक्रम आदिवासी समाज के लिए केवल सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा। एक ओर जहां पारंपरिक वेशभूषा, मांदर, गीत और नृत्य के जरिए आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर संवैधानिक अधिकारों, जमीन, वनाधिकार, रोजगार, जाति प्रमाण पत्र और सामाजिक मुद्दों को लेकर समाज की आवाज भी मंच से मजबूती के साथ उठाई गई।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सर्व आदिवासी समाज की ओर से सौंपे गए 12 सूत्रीय मांग पत्र पर शासन और प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है। मंच पर मौजूद रहे सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी, लाल लक्ष्मेंद्र शाह, सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष तुलाराम पिस्दा, नेहरू कुमेटी, रमेश हिंडामे, संजीत ठाकुर, एस. आर. नायक, सुधा शाह कुंजाम, कन्हैया राजपूत, पप्पू सोनी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी और समाज के लोग मौजूद रहे।विश्व आदिवासी दिवस पर मोहला-मानपुर में आयोजित यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, एकता और अपने हक-अधिकारों के प्रति जागरूकता का बड़ा मंच बनकर सामने आया।

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