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*आदिवासी संस्कृति , ऐरनाल मूसलोड़ जात्रा, देव समागम , वर्षा का पारंपरिक आकलन,टोटेम पेंन गोत्र व्यवस्था पर आधारित तीन दिवसीय भव्य जात्रा, कई राज्यों से पहुंचेंगे श्रद्धालु*,,,,, दीपक मरकाम की खबर,

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*आदिवासी संस्कृति , ऐरनाल मूसलोड़ जात्रा, देव समागम , वर्षा का पारंपरिक आकलन,टोटेम पेंन गोत्र व्यवस्था पर आधारित तीन दिवसीय भव्य जात्रा, कई राज्यों से पहुंचेंगे श्रद्धालु*,,,,, दीपक मरकाम की खबर,

 

 

बीजापुर जिले भोपाल पटनम दिनांक 01 जून 2026

 

बीजापुर जिले के भोपाल पटनम तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सैंड्रापल्ली में ऐरनाल मूसलोड़ (जात्रा) सैंड्रा पल्ली आदिवासी परंपरागत संस्कृति, टोटेम पेंन गौत्र व्यवस्था के आधार पर वृहद तीन दिवसीय जात्रा का आयोजन किया गया है।

 

जात्रा में विभिन्न राज्यों से समाज सगा जन हजारों की तादाद में उपस्थित रहेंगे ।

 

सेंड्रा पल्ली में ऐरनाल मुसलोड़ भव्य जात्रा मंडई का पूर्व से आमंत्रण गांव गांव राज्य राज्य में दिया गया ।

 

आदिवासी पारंपरिक एरनाल मुसलोड़ (जात्रा) का आयोजन आगामी 3 से 5 जून 2026 तक किया जाएगा।

 

आयोजन समिति द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के माध्यम से समाजजनों एवं श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होकर आंगादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।

 

 

जानकारी के अनुसार, हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छह देव परिवार (गाँव की कुल देवी-देवता) के संरक्षण में एरनाल मुसलोड़ जात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

 

आयोजन समिति ने सभी समाजजनों को सेवा जोहार करते हुए कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

 

कार्यक्रम के तहत 3 जून 2026, बुधवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जात्रा की शुरुआत होगी।

 

ऐरनाल मूसलोड़ जात्रा का 4 जून 2026, गुरुवार को विशेष पूजा-अर्चना एवं पारंपरिक आंगादेव एवं अन्य देवो का समागम होगा उसके पश्चात् रूढ़ि जन्य परंपरागत समाज प्रमुखों के सहयोग से इस वर्ष की बारिश का भी आंकलन किया जायेगा ।

 

जात्रा की सम्पूर्ण रस्म अदायगी के बाद मन्नतें कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे,इसके बाद 5 जून 2026, शुक्रवार को समापन कार्यक्रम संपन्न होगा।

 

 

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह जात्रा क्षेत्र की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

 

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की गई है।

 

ऐरनाल मूसलोड़ पेंन समिति पुनः अपील करता है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पेंन का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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