*भीषण गर्मी और नौतपा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी*
बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर,
*पारा 42/45 डिग्री के पार, भूलकर भी न करें ये गलतियां*
*नौतपा का कहर: 42 से 45 डिग्री पार तापमान, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी*
*भीषण गर्मी बनी जानलेवा, लू से बचने स्वास्थ्य विभाग की खास सलाह*
*Heat Wave Alert: दोपहर में घर से निकलना पड़ सकता है भारी*
बीजापुर , 28 मई 2026
प्रदेश सहित समूचा बीजापुर क्षेत्र इन दिनों नौतपा की भीषण तपिश से झुलस रहा है। सूरज की सीधी किरणों और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। क्षेत्र में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे हीट वेव (लू) का खतरा लगातार बढ़ रहा है। तेज गर्म हवाओं और उमस के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं तथा हीट स्ट्रोक के मामले भी सामने आने लगे हैं।
बढ़ते तापमान और स्वास्थ्य संबंधी खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर .पुजारी ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर बीमारी या जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है।
डॉ. पुजारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक खतरनाक रहती है। ऐसे समय में अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर में गमछा, टोपी या छाते से ढंककर ही निकलें। उन्होंने कहा कि बिना सिर ढके तेज धूप में निकलना हीट स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने खान-पान को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन, मांसाहार और मदिरा सेवन से बचने को कहा गया है। गर्मी के मौसम में हल्का एवं सुपाच्य भोजन लेने की सलाह दी गई है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा के दौरान बैंगन का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
डॉ. बी आर पुजारी ने बताया कि शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा है। इसलिए बार-बार पानी, छाछ, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन करते रहना चाहिए। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि धूप में खड़ी बंद गाड़ियों में बच्चों को अकेला छोड़ना बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की भी सलाह दी है। यदि किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी, घबराहट या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बचाव के उपायों में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना, छाता और धूप के चश्मे का उपयोग करना तथा तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन करना शामिल है।
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी आर पुजारी ने कहा कि “सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है। नागरिक ठंडी जगहों पर रहें और अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें।”


