मनीष कौशिक
मोहला—दैनिक छत्तीसगढ़ राजधानी रिपोर्टर खबर का बड़ा असर जनपद पंचायत मोहला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रांजल प्रजापति से प्राप्त प्रतिवेदन ने कंदाड़ी पंचायत में फर्जी बिल भुगतान के बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया है जांच में सामने आया कि पंचायत में वित्तीय अनियमितताएँ, संदिग्ध भुगतान और महत्वपूर्ण अभिलेखों को जांच के दौरान प्रस्तुत न करने जैसी गंभीर लापरवाहियाँ हुईं। इतना ही नहीं जारी किए गए कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब भी सचिव द्वारा नहीं दिया गया, जिसके बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है तुरंत प्रभाव से निलंबन पंचायत विभाग ने सचिव भूषण लाल जुरेशिया को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम 4(1) के तहत लोकहित में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।निलंबन के दौरान जुरेशिया का मुख्यालय जनपद पंचायत मोहला रहेगा और उन्हें नियम अनुसार जीवन-निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
सरपंच पर भी कार्रवाई — ₹99,600 की रिकवरी
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी बिल भुगतान प्रकरण में सरपंच की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उपलब्ध अभिलेखों और जांच रिपोर्ट के आधार पर सरपंच पर ₹99,600 की रिकवरी निर्धारित की गई है।यह रिकवरी आदेश स्पष्ट संकेत है कि विभाग अब किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी को छोड़ने के मूड में नहीं है।
*सीईओ प्रांजल प्रजापति का सख्त रुख*
सीईओ प्रांजल प्रजापति ने साफ कहा है “पंचायतों में वित्तीय अनुशासन से खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा यह मामला केवल एक कार्रवाई नहीं पूरे सिस्टम को चेतावनी है विस्तृत जांच जारी है और जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई और भी कठोर होगी।”उनके इस बयान से साफ है कि मामला यहीं खत्म नहीं होगा, बल्कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और भारी कार्रवाई की गूंज सुनाई दे सकती है।
