Thursday, May 14, 2026

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* केंद्र सरकार के संरक्षण में हो रहे हैं नीट पेपर लीक- सुशील मौर्य*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बस्तर सम्भाग जगदलपुर हैडिंग से दीपक मरकाम की खबर*

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* केंद्र सरकार के संरक्षण में हो रहे हैं नीट पेपर लीक- सुशील मौर्य*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,* बस्तर सम्भाग जगदलपुर हैडिंग से दीपक मरकाम की खबर*

बस्तर सम्भाग जगदलपुर दिनांक 13 मई 2026

*लगातार दूसरे वर्ष पेपर लीक से साबित हो गया कि मोदी सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है*

जगदलपुर: लगातार दूसरे वर्ष नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटना मोदी सरकार की पूरी तरह विफलता और लापरवाही को उजागर करती है।

बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक घोटाला हैजो भाजपा सरकार के संरक्षण में चल रहा है।

सुशील मौर्य ने कहा, “एक बार भूल हो सकती है, लेकिन लगातार दूसरी बार पेपर लीक होना स्पष्ट प्रमाण है कि नीट घोटाले में केंद्र सरकार की मिलीभगत है। देश के लाखों मेधावी छात्र एक साल तक रात-दिन मेहनत करते हैं।

परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबर सुनकर उनकी मेहनत और सपने दोनों चूर-चूर हो जाते हैं। इस गंभीर लापरवाही की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA के अधिकारियों को लेनी चाहिए।”पिछली बार के दोषी को इनाम दिया गया।

 

सुशील मौर्य ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि 2024 में नीट पेपर लीक मामले में NTA के तत्कालीन महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को हटाया तो गया, लेकिन जैसे ही जनता का गुस्सा शांत हुआ, उन्हें स्टील मंत्रालय में एडजस्ट कर दिया गया। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ भेजा गया, जहां वे वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं।

“यह घटनाक्रम साफ दिखाता है कि पेपर लीक के असली गुनहगारों को भाजपा सरकार संरक्षण प्रदान करती है और उन्हें बड़े-बड़े पदों पर पुरस्कृत करती है,” उन्होंने कहा।

छात्रों के भविष्य से सत्ता का सौदा

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ही बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं।

शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए वे बेखौफ होकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं।

“भाजपा का फॉर्मूला साफ है — जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम। लेकिन इस खेल की कीमत देश के मेहनती छात्रों को चुकानी पड़ रही है।

22 लाख छात्रों को दोबारा परीक्षा की मानसिक और आर्थिक यातना झेलनी पड़ेगी। एनटीए की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।”

सुशील मौर्य ने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ तुरंत CBI जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दोबारा परीक्षा कराने का पूरा खर्चा केंद्र सरकार वहन करे।

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