*भोपालपटनम नगर पंचायत में सीएमओ की मनमानी! 1.88 करोड़ के 23 कार्यों में नियमों की अनदेखी, कांग्रेस पार्षदों की चुप्पी पर भी सवाल*
*बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*
बीजापुर,भोपालपटनम, दिनांक 01 मई 2026
भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी ने नगर पंचायत भोपालपटनम के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के साथ-साथ नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर नियमों को दरकिनार कर मनमानी तरीके से ठेके देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे स्थानीय ठेकेदारों के साथ खुला भेदभाव हो रहा है।
मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में बिना विधिवत निविदा प्रक्रिया के ही डेंटर के माध्यम से आवेदन लिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से नियमों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है और आवेदन प्रक्रिया को इस तरह संचालित किया जा रहा है कि स्थानीय ठेकेदार इसमें भाग ही नहीं ले पा रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में नगर पंचायत द्वारा करीब 23 निर्माण कार्यों के लिए लगभग 1 करोड़ 88 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
इन सभी कार्यों को एक ही पसंदीदा ठेकेदार को देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जो गंभीर अनियमितता और पक्षपात को दर्शाता है।
नरसिंह रेड्डी का कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली न केवल नियमों की अवहेलना है बल्कि यह स्थानीय ठेकेदारों के अधिकारों का भी हनन है।
उन्होंने नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भोपालपटनम नगर पंचायत के 15 वार्डों में अधिकांश पार्षद कांग्रेस के हैं तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी कांग्रेस दल से संबंधित हैं।
इसके बावजूद इस पूरे मामले में उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जनप्रतिनिधि जनता के हितों की रक्षा करने में असफल रहते हैं और इस प्रकार की अनियमितताओं पर मौन साध लेते हैं तो यह उनकी भूमिका पर भी संदेह उत्पन्न करता है।
मंडल अध्यक्ष ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के साथ-साथ जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और नियमसम्मत निविदा प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।






