Saturday, April 25, 2026

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित साड़ियों में गड़बड़ी, शासन ने दिए जांच व सुधार के निर्देश,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित साड़ियों में गड़बड़ी, शासन ने दिए जांच व सुधार के निर्देश,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,

मापदंड से कम लंबाई और गुणवत्ता की शिकायतों पर सख्त रुख, जिलों से मांगी गई रिपोर्ट

बीजापुर:,,,,नवा रायपुर से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण पत्र के आधार पर प्रदेश भर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई यूनिफॉर्म (साड़ी) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग ने वर्ष 2024-25 के तहत वितरित साड़ियों में गुणवत्ता और मापदंड संबंधी अनियमितताओं की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए सभी जिलों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पत्र में उल्लेख है कि कुछ जिलों से प्राप्त शिकायतों में साड़ियों की लंबाई कम होने, कपड़े की गुणवत्ता ठीक नहीं होने तथा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने जैसी बातें सामने आई हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें कई मामलों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।
महिला एवं बाल विकास संचालनालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मानक के अनुरूप साड़ियां नहीं मिली हैं, उनसे उक्त साड़ियां वापस लेकर संबंधित एजेंसी के माध्यम से निर्धारित गुणवत्ता वाली साड़ियों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही, सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने जिलों से संबंधित पूरी जानकारी संचालनालय को उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। यदि समयसीमा में जानकारी नहीं मिलती है, तो यह माना जाएगा कि संबंधित जिले में कोई शिकायत या समस्या नहीं है।
विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली यूनिफॉर्म की गुणवत्ता और मानक से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष:
यह मामला न केवल शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था की भी पोल खोलता है। अब देखना होगा कि विभागीय निर्देशों के बाद संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों द्वारा कितनी तत्परता से सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।

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