

राहुल भोई महासमुंद…
महासमुंद मुख्यालय के ग्राम बेमचा के सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को 1 लाख रुपयों के रिश्वत लेते हुए ACB की टीम ने शाम 7 बजे कचहरी चौक से रंगे हाथो गिरफ्तार किया है..और उसे पूछताछ के लिए अब रायपुर लाया गया है..दरअसल शहर से लगे ग्राम पंचायत बेमचा के खसरा नंबर 3110/3 के करीब 1 एकड़ 92 डिसमिल जमीन पर अजय कुर्रे नामक व्यक्ति का कब्ज़ा था..जिसे अजय कुर्रे ने अलग अलग लोगो को बेच दिया था.इसमें से कुछ जमीन महासमुंद के महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय में लाइब्रेरियन के रूप मे कार्यरत सूरज राम रात्रे को भी बेचा गया था..वही जमीन के मामले पर कुछ माह पूर्व जमीन कब्ज़ाधारी अजय कुर्रे का विवाद गांव के पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ हुआ था..

जिसके बाद विवाद का मामला कोतवाली पुलिस तक पहुंच गया था और दोनों पक्षो के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की गयी थी…बाद मे बेमचा सरपंच देवेंद्र चंद्राकर ने जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाने के एवज मे 4 लाख रुपयों की मांग की जहाँ पूरा मामला सेट हो गया..तभी सूरज राम रात्रे ने एसीबी रायपुर में शिकायत दर्ज करा दी की कि उनकी पत्नी के नाम पर ग्राम बेमचा के इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में आबादी भूमि/मकान स्थित है..जिसपर पूर्व सरपंच द्वारा इस भूमि पर निर्माण कार्य के लिए एनओसी जारी की जा चुकी थी लेकिन वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर ने अनुमति निरस्त कर दी और उन्हें जमीन नहीं छोड़ने के एवज मे एवज में चार लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गयी है..और सरपंच को 50 हजार एडवांस भी दिए है साथ ही दूसरी किश्त के रूप मे 1 लाख और देना है इस शिकायत की जाँच एंटी करप्शन ने की और बातचीत के सबूत जुटाये जब शिकायत सही पायी गयी तो रायपुर ACB की टीम ने 15 सदस्यो की एक टीम बनायीं और तीन वाहनों मे महासमुंद की ओर रुख किया इसके बाद प्रार्थी के साथ मिलकर ट्रैप लगाते हुए महासमुंद के कचहरी चौक पर रिश्वत की दूसरी किश्त की राशि 1 लाख रूपये राशि लेते हुए सरपंच देवेंद्र चंद्राकर को रंगे हाथो पकड़ लिया..जिसके बाद देवेंद्र को पुलिस कंट्रोल रूम लाया गया और बाद उसे रायपुर लेकर जाया गया जहाँ पिसी एक्ट 1988 यथा संशोधित अधिनियम 2018 के प्रकरण मे गिरफ्तार कर भ्रस्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आज महासमुंद न्यायालय मे प्रस्तुत किया जायेगा..जहाँ मामले पर आवेदक प्रार्थी सूरज राम रात्रे ने मिडिया के सामने मुँह खोलने से इंकार कर दिया वही ACB की टीम ने भी ऑथराइजेशन का हवाला देते हुए कैमरे से दुरी बना लि..फिलहाल रिश्वतखोरी और सरकारी ज़मीन पर कब्जे की जाँच आगे जारी है..।


