मानपुर में कानून फेल, मेला में खुलेआम जुआ, पुलिस बनी मूकदर्शक।पढें पुरी खबर पत्रकार आर एल, कुलदीप के साथ।
मेला या जुए का अड्डा? मानपुर में खुडखुड़ी का खेल, पुलिस खामोश।खुलेआम लाखों का जुआ, मानपुर पुलिस क्यों मौन।
खुडखुड़ी माफिया सक्रिय, मानपुर में प्रशासन बेखबर या बेपरवाह कानून की धज्जियां: मेला में जुआ जारी, कार्रवाई शून्य।
मानपुर में अवैध जुआ का खेल, पुलिस पर उठे मिलीभगत के सवाल।मेला बना जुए का हब, जिम्मेदार कौन रात-दिन जुआ, फिर भी सन्नाटा मानपुर पुलिस पर गंभीर सवाल,
मानपुर में कानून की धज्जियां! मेला-मड़ाई में खुलेआम ‘खुडखुड़ी’ जुआ, पुलिस प्रशासन की संदिग्ध चुप्पी।
अब खबर विस्तार से…..
मानपुर थाना क्षेत्र
छत्तीसगढ़ जिला मोहला मानपुर अंबागढ चौकी के मानपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों चल रहे मेला-मड़ाई ने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मेले की आड़ में अवैध ‘खुडखुड़ी’ (जुआ) का कारोबार खुलेआम धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस प्रशासन इस पूरे खेल पर आंख मूंदे बैठा है।
खुलेआम चल रहा लाखों का जुआ।
मेरे जानकारी के मुताबिक मेला स्थल पर दिन-रात बड़े पैमाने पर खुडखुड़ी का खेल संचालित हो रहा है, जहां रोजाना हजारों से लाखों रुपए का दांव लगाया जा रहा है। यह सब कुछ सार्वजनिक रूप से हो रहा है, जिससे साफ जाहिर है कि इस अवैध धंधे को किसी न किसी स्तर पर संरक्षण प्राप्त है।
पुलिस की चुप्पी या मिलीभगत?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी अवैध गतिविधि के बावजूद पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
स्थानीय लोगों में यह चर्चा जोरों पर है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतना बड़ा जुआ संभव ही नहीं।
जनता में आक्रोश, युवाओं पर बुरा असर
मामला रानवही गांव का जहाँ मेला में अवैध खुडखुडी चल रहा है वहां के
ग्रामीणों और जिम्मेदार नागरिकों में इस अवैध कारोबार को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि:इससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है क्षेत्र में अपराध और विवाद बढ़ने की आशंका है सामाजिक माहौल खराब हो रहा है
उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग अब स्थानीय लोग सीधे जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग कर रहे हैं कि:
मेला स्थल पर तत्काल छापेमारी की जाए
खुडखुड़ी जुआ संचालित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो संबंधित जिम्मेदार पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच की जाए
अब देखना होगा – कार्रवाई या फिर लीपापोती?
यह मामला अब सिर्फ एक अवैध धंधे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासन की कार्यशैली और ईमानदारी पर बड़ा सवाल बन चुका है।
अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कानून के रक्षक ही कहीं न कहीं इस खेल के मौन दर्शक नहीं, बल्कि हिस्सेदार हैं।
(RKBharat News से आर एल कुलदीप की खास रिपोर्ट:-सम्पर्क 6267855263






