पोस्टर, रंगोली और संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों ने जाना पानी का महत्व
पी.एम. श्री सेजेस दुर्गूकोदल में विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण का संदेश
दुर्गूकोदल:-
पी.एम. श्री सेजेस दुर्गूकोदल में विश्व जल दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्य श्री अजय नेताम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्राचार्य अजय नेताम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि विश्व जल दिवस प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1993 में की गई थी, जिसका उद्देश्य लोगों को ताजे पानी के महत्व और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है और यदि समय रहते इसके संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में इसके दुष्परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।
शाला विकास समिति के अध्यक्ष अशोक जैन ने भी विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है और इसकी प्रत्येक बूंद कीमती है, इसलिए हमें इसका सदुपयोग करना चाहिए और अनावश्यक बर्बादी से बचना चाहिए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें पोस्टर निर्माण, चित्रकला, रंगोली एवं विचार संगोष्ठी प्रमुख रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जल संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जल बचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में व्याख्याता श्री दिलीप सेवता सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जल संरक्षण के महत्व को समझा और इसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कुल मिलाकर, यह आयोजन विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने में सफल रहा, जिससे भविष्य में जल संकट से निपटने की दिशा में सकारात्मक पहल की उम्मीद की जा सकती है।






