समाज सेवा की मिसाल बने कोरेटी दंपत्ति को गोंड समाज ने दी भव्य विदाई,
बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर,
बीजापुर ,,,,,,,,,,,,,जिला बीजापुर में पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे रमेश कोरेटी का स्थानांतरण जिला कांकेर होने पर गोंड समाज नार्र बीजापुर द्वारा एक गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज के प्रति उनके और उनकी धर्मपत्नी तिरुमाय कुंजलता कोरेटी के समर्पण को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
*सामाजिक संगठन में रही महत्वपूर्ण भूमिका*
विदाई समारोह में समाज के वक्ताओं ने कहा कि कोरेटी दंपत्ति ने बीजापुर में रहते हुए न केवल अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन किया, बल्कि समाज को संगठित करने में भी अहम भूमिका निभाई। विशेष रूप से तिरुमाय कुंजलता कोरेटी ने गोंडवाना समाज समन्वय समिति (महिला प्रभाग), पुरानी पुलिस लाइन के सचिव पद पर रहते हुए महिलाओं को जागरूक किया और हर सामाजिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
*विदाई की अनूठी परंपरा*
गोंड समाज नार्र बीजापुर की यह विशेषता रही है कि वह जिले के बाहर से आने वाले कर्मचारी साथियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ता है। इसी कड़ी में, स्थानांतरण होने पर कर्मचारियों को ससम्मान विदाई देने की परंपरा का निर्वहन करते हुए कोरेटी दंपत्ति को फूलमाला और पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
*वक्ताओं ने व्यक्त किए विचार*
समारोह के दौरान समाज के संरक्षक एसडीओ प्रकाश नेताम, शंकर लाल कतलाम, अध्यक्ष जनक नेताम और अध्यक्षा इंदिरादेवी कुंजाम ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा:
“जिस निष्ठा के साथ कोरेटी परिवार ने बीजापुर में समाज सेवा की है, हमें पूर्ण विश्वास है कि वे कांकेर जिले में भी इसी समर्पित भाव से समाज के उत्थान के लिए कार्य करेंगे।”
वहीं, रमेश कोरेटी और उनकी पत्नी ने भी बीजापुर समाज से मिले प्रेम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सामाजिक कार्यों से जुड़े रहने का संकल्प दोहराया।
*कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामय उपस्थिति*
इस सम्मान समारोह में मुख्य रूप से आरपी ध्रुव, नरोत्तम सामरथ, संगदेव मरकाम, धनेश कुंजाम, विनय उईके, अशोक कुंजाम, संजय जुर्री, विष्णु कुंजाम, तुलसीराम गावडे, लक्ष्मण कड़ती, अनिल वट्टी, देवकरण नेताम उपस्थित थे। साथ ही भैरमगढ़ से कमल नारायण कुंजाम सहित महिला शक्ति में तिरुमाय रश्मि नेताम, पुष्पा कतलाम, अमिता कुंजाम, राधिका मरकाम, अंजू मरकाम, सपना कुंजाम, साधना नेताम और अवंतिका कुंजाम प्रमुख रूप से सम्मिलित हुए।






