

बता दे की महासमुंद जो कि छत्तीसगढ़ राज्य का आखिरी जिला है उड़ीसा बॉर्डर पर यहां नक्सलीय कमेटी है बीबीएम नाम की जिसे बलांगीर बरगढ़ कमेटी कहा जाता है उस कमेटी के सचिव ने छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा को कुछ दिन पूर्व ही पत्र लिखकर कहा था कि वह अपने साथियों के साथ 15 की संख्या में आत्मसमर्पण करना चाहते हैं..और समाज के मुख्य धारा में जुड़ना चाहते हैं लेकिन उनकी मांगे थे कि उनके द्वारा कुछ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और उनसे संकेत दिए जाएंगे तभी वह आत्मसमर्पण करेंगे शासन ने उन्हें मुख्य धारा में जुड़ने की हरी झंडी दे दी गयी थी. उड़ीसा सहित महासमुंद के बॉर्डर जंगलों पर पुलिस के द्वारा पोस्टर चिपकाए गए थे जिसमें दिखाया गया है कि पूर्व में उनके ही जिन साथियो ने आत्मसमर्पण किया है उनके फोटो के साथ पुलिस के फोन नंबर लिखकर उन्हें मुख्य धारा में जुड़ने के संकेत दिया गया था..वही माओवादियों को सरेंडर कराने वाले प्रतिनिधि मंडल का दल ने भी कल जंगल मे माओवादियों से मुलाकात की इसके बाद से ही 15 सदस्यो का यह माओवादियों का दल ने बीती देर रात्रि महासमुंद के बलोदा थाने मे आत्मसमर्पण किया है..जिसमे 9 महिला और 6 पुरुष माओवादि शामिल है वही आज इन्हे भोर सुबह ही बलोदा थाने से महासमुंद मुख्यालय के पुलिस लाईन मे ले आया गया है..जहाँ इस मामले के खुलासे के लिए महासमुंद पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता की तैयारी पूरी तरह हो चुकी है.. जिन माओवादियों का दल आत्मसमर्पण कर रहा है उसमें जो माओवादी लीडर है विकास उर्फ सुदर्शन जिसके उपर 25 लाख का इनाम था.. उसके साथ और जितने बाकी 14 बचे हुए माओवादी हैं वह छत्तीसगढ़ के बस्तर के बताए जा रहे हैं यही कारण है कि यह माओवादियों का दल उड़ीसा में आत्मसमर्पण ना करके छत्तीसगढ़ में आत्म समर्पण कर रहे हैं..।
बहरहाल मामले पर आज दोपहर 3.30 बजे महासमुंद पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देगी..।


