मनीष कौशिक
मोहला मानपुर—एक जिले से शुरू हुई FIR पूरे देश में फैला तूफ़ान अंबागढ़ चौकी के एक युवक की शिकायत से शुरू हुई जांच ने कुछ ही दिनों में पुलिस को ऐसे नेटवर्क तक पहुंचा दिया,जिसकी डोर कर्नाटक–उत्तराखण्ड–गुजरात–नेपाल तक जुड़ी हुई थी साइबर अपराध की यह परत दर परत खुलती कहानी पुलिस की दक्षता और नेतृत्व का बड़ा उदाहरण बन गई।
*ऑपरेशन “साइबर ब्रेकडाउन” 96 घंटे की नॉन-स्टॉप कार्रवाई*
सीनियर पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह (IPS) ने टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए “जिस भी राज्य में सुराग मिले तुरंत दबिश दो, बिना देरी।”तकनीकी टीमों ने ठगी की रकम को ट्रैक किया, जिसमे पाया गया कि रुपये पंजाब नेशनल बैंक HDFC Bank के जरिए अलग-अलग खातों में भेजे गए थे रकम परत दर परत ट्रांसफर की गई चेक से निकासी एटीएम से कैश आउट और आगे नेपाल कनेक्शन तक डाटा लिंक यानी पैसे ने सफर बहुत किया,लेकिन पुलिस उससे तेज़ थी।
*पुलिस पहुँची 4 राज्यों में*
हर ठिकाने पर गिरा एक सिरा रुद्रपुर (उत्तराखण्ड),अहमदाबाद (गुजरात),राजकोट (गुजरात),सूरत (गुजरात), बैंगलोर (कर्नाटक),हर स्थान से पूछताछ, साक्ष्य और डिजिटल ट्रेल पुलिस को एक ही नेटवर्क की ओर ले गए।
*गिरफ्तार आरोपी — पूरा चेप्टर बंद
1. मनोज कुमार, बैंगलोर
2. सनातन मंडल, उधमसिंह नगर
3. योगेन्द्र सिंह, उधमसिंह नगर
4. युसुफ संधवानी, राजकोट
5. राहुल गुप्ता, अहमदाबाद
6. गौतम बागड़ा, सूरत
सभी को ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाया गया।
*बरामदगी — नेटवर्क टूटने के बड़े सबूत*
07 मोबाइल,10 सिम,कई बैंकों की पासबुक-चेकबुक,एटीएम कार्ड,डिजिटल ट्रांजैक्शन का विस्तृत रिकॉर्ड
*“छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध का अंत” — IPS वाय.पी. सिंह का कड़ा संदेश*
इस मेगा कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब,ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह कहीं भी हों — मोहला-मानपुर पुलिस पकड़कर ही छोड़ेगी जिले के लोगों का विश्वास बढ़ा है और साइबर नेटवर्क की बड़ी कमर टूट चुकी है।






