भूमकाल विद्रोह 1910 के नायकों को दी गई
श्रद्धांजलि,,,,,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,
वीर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण
बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,,,। बस्तर के महान भूमकाल विद्रोह 1910 के वीर नायकों की स्मृति में मूसालूर चौक धनोरा स्थित वीर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों एवं ग्रामीण जनों ने वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके संघर्ष और त्याग को नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9.30 बजे पारंपरिक देव और माटी पुजारियों द्वारा सेवा अर्जी के साथ हुई। इसके पश्चात समाज प्रमुखों द्वारा शहीदों की स्मृति में वीर शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा पर महुआ फूल अर्पित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भूमकाल विद्रोह के वीर शहीदों की ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने तथा आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को कायम रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। समाज प्रमुखों ने कहा कि भूमकाल विद्रोह बस्तर के आदिवासी समाज के आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक रहा है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से वीर शहीदों के आदर्शों को याद कर समाज में एकजुटता और जागरूकता का संदेश दिया गया।






