सरकार की तरह पेश बजट भी बेवफा निकली, बस्तरवासियों का टूटा दिल – नवनीत चांद

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वर्ष 2026 – 27 प्रस्तुत केंद्रीय बजट में बस्तर में रेलवे नेटवर्क को लेकर मिली नाउम्मीदी , भड़के बस्तर बेटा ने कहा – बस्तर का दोहन हो रहा

 जगदलपुर।बस्तर बेटा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी के संभागीय अध्यक्ष एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के प्रमुख सयोजक श्री नवनीत चांद ने वर्ष 2000 26- 27 में प्रस्तुत केंद्रीय बजट को बस्तरवासियों के उम्मीदों के साथ ठगी बताते हुए जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि – आखिरकार यह पेश बजट एक बार फिर बस्तर को ठगने वाला साबित हुआ है , बड़े-बड़े वादे करके जनता से बेवफाई करना तो कोई सरकार से सीखे?

बस्तर में बुनियादी समस्याओं के लिए विभिन्न स्तर पर लगातार संघर्ष कर रहे मुखर नेता श्री नवनीत ने कहा कि प्रस्तुत बजट में बस्तर के बहुप्रतीक्षित नई रेल लाइनों के नाम पर कुछ भी नहीं है! जब बस्तर की जनता रेलवे नेटवर्क की तस्वीर को सीने से लगाए सच में बदलते देखने के सपने लिए टकटकी लगाए केंद्र सरकार और बजट की ओर देख रही थी परंतु यह नया प्रस्तुत बजट भी बस्तर की जनता के लिए दिल तोड़ने वाला साबित हुआ है इस विषय में राज्य में सत्ता पर बैठी सरकार भीचुप्पी साधे है क्या गुलामी के दौर की तरह आज भी बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों का केवल दोहन किया जाता रहेगा या बस्तर को उसका अधिकार भी मिलेगा ?

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक ने कहा कि पुरानी आती ट्रेनों की मांग आज तक पूरी नहीं हुई ना ही उसे रूट पर कोई रेलवे विभाग के द्वारा घोषणाएं हुई । उन्होंने कहा कि पुरानी घोषणा पर कोई काम आरंभ ही नहीं हुआ इस तरीके से सिर्फ खनिज संपदा के दोहन और रेलवे ट्रैक के माध्यम से परिवहन की एकमात्र राज्य और केंद्र सरकार कॉलेज देश की सबसे अमीर रेलवे ट्रेन इस आमिर होने वाला बस्तर यात्री ट्रेनों के मामले में बेहद पिछड़ा हुआ है यह बस्तर के साथ धोखाधड़ी नहीं है तो और क्या है? श्री नवनीत ने कहा की ने बजट से बस्तरवासियों मेंअसंतोष है और यह जायज भी है ।

मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक ने कहा की श्रेष्ठ बस्तर के नारे को लेकर मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस वर्षों से राजधानी के सड़कों से लेकर बस्तर कि दूरस्थ बीहड़ दुर्गम में आम आदिवासी ग्रामीण तक पहुंच रही है हम बुनियादी समस्याओं के साथ बस्तर में रेलवे नेटवर्क एवं आवश्यक रेल लाइन अधिकार को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं हमने बात जिम्मेदारों के कानों तक पहुंचाया है और हमारी यह लड़ाई बस्तर की उपेक्षा करने वाली सरकार से हो या किसी व्यवस्था से चलती रहेगी,बस्तर बहुत लंबे समय से जिन नई रेल परियोजनाओं की उम्मीद कर रहा है उनमें किरंदुल मनगुर, किरंदुल बीजापुर ,गढ़चिरौली दंतेवाड़ा ,सुकमा मलकानगिरी धमतरी कोंडागांव जैसी महत्वपूर्ण प्रस्तावित रेल लाइन है यह सभी लाइन न केवल यात्रा के लिए बल्कि बस्तर के आर्थिक विकास और दूरस्थ क्षेत्रों की मुख्यधारा से जुड़ाव की लिहाज से भी अहम है ।

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