ध्वजारोहण कर ध्वज को दी गई सलामी,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी के संदेश का किया गया वाचन…

आज बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर संभाग मुख्यालय राजीव भवन जगदलपुर में व गोलबाजार चौंक गांधी प्रतिमा के समक्ष पूरे हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया.इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसजनों, कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के द्वारा गोलबाजार चौंक व संभाग मुख्यालय राजीव भवन में ध्वजारोहण किया जिसके बाद कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई तत्पश्चात राष्ट्रीय गान हुआ.व शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी राजकुमार झा जी के द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी के संदेश का वाचन किया गया जिसमें संविधान की गरिमा,लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय एवं देश की एकता-अखंडता पर प्रकाश डाला गया।शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने उपस्थित समस्त कांग्रेसजनों,कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने उपस्थित कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए कहा आज हम सब यहां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए हैं जो हमारे देश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है।26 जनवरी 1950 का वो दिन जब भारत का संविधान लागू हुआ था तो हम हमारा देश एक लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था। संविधान ने हमें समानता और आजादी से जीने का अधिकार दिया।यह दिन हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और हमारे महान नेताओं की दूरदृष्टि की याद दिलाता है। हमें सदा एकता, समानता और राष्ट्र के प्रति सम्मान के मूल्यों का पालन करना सिखाता है।यह दिवस देश के संघर्ष और गौरव-गाथा का प्रतीक है। यह संघर्ष का प्रतीक इसलिए है,क्योंकि हमने 200 वर्षों की प्रताड़ना पर विजय प्राप्त कर ली थी।हमने आत्म-निर्भरता का प्रदर्शन करते हुए, 26 जनवरी 1950 को अपने संविधान का अपने संविधान का निर्माण कर अपने-आप को एक गणराज्य के रूप में स्थापित किया।26 जनवरी की यह तारीख 1930 हमारे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी हुई है। लाहौर कांग्रेस अधिवेशन न महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूर्ण स्वराज की घोषणा हुई थी। स्वतंत्रता के बाद इसी तिथि को चुना गया ताकि इस ऐतिहासिक संकल्प को साकार किया जा सके।गणतंत्र दिवस हमारे देश की संप्रभुता तथा एकता का प्रतीक है और दर्शाता है कि हम एक स्वतंत्र परिवेश में सांस ले रहें है। आज का दिन स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी के बलिदान और योगदान के के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का दिवस है। आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं ..
जय हिंद! जय भारत!
ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने उद्बोधन में कहा आज का दिन हमारे लिए केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक जीवंत इतिहास, एक मजबूत संकल्प और एक उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को ठीक इसी दिन भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ और हमारा देश दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में उभरा – एक संप्रभु,समाजवादी, पंथनिरपेक्ष,लोकतांत्रिक गणराज्य। डॉ. भीमराव अंबेडकर की कुशल अगुवाई में बनी संविधान सभा ने 2 वर्ष,11 महीने और 18 दिनों की अथक मेहनत से दुनिया का सबसे विस्तृत लिखित संविधान तैयार किया,जो आज भी हमारी एकता, समानता और न्याय की नींव है। गणतंत्र दिवस हम भारतवासियों को सिर्फ गर्व करने अवसर नहीं देता, बल्कि आत्म-मूल्यांकन का भी मौका देता है हमारे संविधान ने हमें मौलिक अधिकार दिए हैं बोलने की आजादा, शिक्षा का अधिकार, समानता का अधिकार। लेकिन साथ ही उसने हमें मौलिक कर्तव्य भी सौंपे हैं संविधान का पालन करना, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना, पर्यावरण की रक्षा करना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण ना और देश की एकता व अखंडता बनाए रखना यह हमारा परम कर्तव्य है।
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी उमाशंकर शुक्ला,मनोहर लूनिया,संतोष यादव,हनुमान द्विवेदी,अंगद त्रिपाठी,पूर्व विधायक रेखचंद जैन,पूर्व महापौर जतिन जायसवाल,नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी,कविता साहू,वीरेंद्र परिहार, अम्माजी राव,सेवादल अध्यक्ष सत्यनारायण,महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद,महामंत्री अभिषेक नायडू,सुभाष गुलाटी,व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजेंद्र पटवा,यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा,ग्रामीण अध्यक्ष अभिषेक डेविड,वेंकट राव,परमजीत जसवाल,चंद्रभान झाड़ी,मोईन खान,योगेश पाणिग्रही,रविशंकर तिवारी,हरिशंकर,असीम सुता,एस नीला,सलीम अली,नितीश शर्मा,संदीप दास,रंगा राव,कमलेश पाठक,विक्की राव,सायमा अशरफ,माही श्रीवास्तव,कृपाशंकर राय,ज्योति राव,आदर्श नायक, विजय ध्रुव,मुन्नू तिवारी,राजेश साहू,अयाज खान,मनोज,वैभव नेताम, हेमंत पाण्डेय,अनस अली, कृष्णा उपाध्यय, तरसेम जायसवाल, इन्दर झज्जर,पिंकी आदि मौजूद रहे।






