बस्तर जिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा SIR की प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार शिक्षको को एसआईआर काम में जुटा रही हैं। कई स्कूलों में तो 90 फीसदी शिक्षकों को बीएलओ बना दिया गया है। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूलों में प्री बोर्ड, छमाही परीक्षाओं के अलावा दसवीं और बारहवीं के प्रैक्टिकल एग्जाम होने हैं लेकिन अब व्यवस्था डगमगाती नजर आ रही है। इससे शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी ऐसे में छत्तीसगढ़ में कैसे सुधरेगी पढ़ाई-लिखाई, इसका जवाब भाजपा सरकार को देना चाहिए। वही SIR की प्रक्रिया के लिए समयावधि बढ़ाए सरकार, एक महीने का समय प्रयाप्त नहीं है,नवंबर माह में किसानों की धान कटाई का मुख्य माह होता है और समस्त किसान इस कार्य में पूर्णतःव्यस्थ रहते हैं। हमारी मांग है इसके लिए सरकार को SIR की प्रक्रिया के लिए समयावधि बढ़ाना चाहिए साथ ही स्कूलों के शिक्षक गैर शिक्षकों को SIR ड्युटी से हटाया जाए।






