खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन की तैयारी तेज़ – समर्थन मूल्य घोषित, खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी,,
,,,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,
बीजापुर,,,,,,,,,,,,,,/खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की सभी तैयारियाँ जिला प्रशासन बीजापुर की ओर से पूरी की जा रही हैं। भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस वर्ष औसत अच्छी किस्म (F.A.Q.) के धान के लिए समर्थन मूल्य धान कॉमन ₹2369 प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड-ए ₹2389 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी। इस दौरान किसानों से नगद व लिंकिंग व्यवस्था के तहत धान की खरीदी की जाएगी। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की सीमा तय की गई है।
जिला प्रशासन ने बताया कि बायोमेट्रिक आधारित खरीदी प्रणाली के तहत आवश्यक तैयारियाँ गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी की जा रही हैं। साथ ही, पुराने जूट बारदानों की व्यवस्था पीडीएस एवं मिलर्स के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। मिलर्स के पास उपलब्ध बारदानों का भौतिक सत्यापन और सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि का कार्य भी प्रगति पर है।
धान खरीदी केन्द्रों पर इस बार इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्रों के माध्यम से खरीदी की जाएगी। समितियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी तौल यंत्र कार्यशील स्थिति में हों।
धान संग्रहण स्थलों का चयन इस प्रकार किया जा रहा है कि वे नीची भूमि या जलभराव वाले क्षेत्र न हों, ताकि आकस्मिक वर्षा की स्थिति में धान सुरक्षित रह सके। साथ ही सभी केन्द्रों पर पॉलीथीन कवर, सीमेंट ब्लॉक/फ्लाई ऐश ब्रिक्स और डनेज सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
सभी उपार्जन केन्द्रों में आर्द्रतामापी यंत्र (Moisture Meter) रखे जाने और खरीदी प्रारंभ होने से पहले उनका कैलीब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन केन्द्रों पर पुराने यंत्र उपयोग योग्य नहीं हैं, वहाँ नए यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
धान खरीदी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक केन्द्र की चेकलिस्ट के अनुसार समीक्षा की जा रही है। कम्प्यूटर, प्रिंटर, जनरेटर एवं यू.पी.एस. की कार्यशीलता की जांच कर ली गई है। 28 अक्टूबर 2025 तक नोडल अधिकारी केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे और 31 अक्टूबर 2025 तक डेटा एंट्री पूर्ण कर ली जाएगी, जिससे ट्रायल रन में तैयारियों की समीक्षा हो सके।
इसके अलावा, सीमावर्ती जिलों में अन्य राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए चेकिंग दल गठित किए जा रहे हैं। इन दलों में राजस्व, खाद्य, मंडी, सहकारिता, वन एवं परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे।
जिला प्रशासन बीजापुर ने बताया कि उपार्जन सीजन के लिए सभी तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।




