मनीष कौशिक
राजनंदगांव: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके पर रेप और आर्थिक शोषण का आरोप लगा है। डौंडी थाने में मामला दर्ज होने के बाद जिला न्यायालय ने उइके की जमानत याचिका खारिज कर दी है। पीड़िता, जो कि एक महिला आरक्षक है, ने अपने अधिवक्ता विजेंद्र पाठक के माध्यम से बैंक स्टेटमेंट जमा कर आर्थिक शोषण के आरोप को साबित किया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है।
शादी का झांसा देकर बनाए संबंध
महिला आरक्षक ने शिकायत में कहा है कि दिलीप उइके ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उसने यह भी आरोप लगाया कि उइके ने तीन बार जबरन उसका गर्भपात कराया और उसका आर्थिक शोषण किया। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि पीड़िता उसे ब्लैकमेल कर रही है और झूठा आरोप लगा रही है। लेकिन, अदालत ने इन दलीलों को नहीं माना और जमानत को खारिज कर दिया ।
मजिस्ट्रेट के सामने सुनाई आपबीती
पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपनी आपबीती सुनाई। न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ ने पीड़िता के अधिवक्ता विजेंद्र पाठक वा आरोपी के वकील के शानदार बहस दलीलों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। वही पुलिस का कहना है कि आरोपी अभी भी फरार है। टीआई उमा ठाकुर ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीम भेजी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डौंडी थाने में बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया है।





