*गरीब के आशियाना जलकर हुआ खाक,बच्चों के किताब मार्कशीट सब हो गया राख।भूखा प्यासा खुले
आसमान के नीचे जंगल में बिताया रात।आर, एल, कुलदीप की रिपोर्ट:-*
दुर्गकोंदल:-
विकासखंड दुर्गकोंडल के ग्रामपं चायत के पंचांगी में विगतमं गलवार शाम तकरीबन तीन बजे गांव से थोड़े दूर श्रीमती कैलासी बाई हिड़को के घर में आग लग गया, देखते ही देखते आग की लपटे पूरे घर को अपने चपेट में ले लिया, घर में सभी अनाज कोदो,कुटकी, दाल, चावल, मक्का,महुआ, हांडी बर्तन सब जलकर राख में तब्दील हो गया।पीड़ित महिला ने बताया कि कुछ दिन पहले हमने सवा लाख रुपए का मक्का बेचा था जो पैसा घर में रखा था पूरे पैसे जल गए है,दरअसल पीड़ित महिला का घर गांव से थोड़े दूर जंगल की ओर है,जहा वे लोग काफी सालों से रह रहे है, जब आग लगी घर में कोई नहीं थे सभी अपने अपने कामों दूर थे,सिवाय एक चौदह साल का बीमार बच्चा घर में आराम कर रहा था,जो किसी तरह अपना जन बचाकर घर से बाहर निकला, आग की लपटों को देख बच्चा भी हक्का बक्का रह गया।जब तक गांव वालों को और परिवारजनों को इस आगजनी की जानकारी हुई, तब तक सब कुछ खाक हो चुका था। बुधवार सुबह 10 बजे पत्रकारों की टीम घटना स्थल जाकर पीड़ित परिवार से मिले तो पता चला वे
सभी रात भर भूखे थे, सुबह आधा
किलो चावल खरीद कर जल हुआ
बर्तन में खाना बना रहे है कपडो के
नाम पर जो पहने थे वहीं है, बच्चो
के कॉपी किताब मार्कशीट, उनके
सपने घर के साथ जलकर खाक हो
चुके है । परिवार के वृद्ध मुखिया दूर
से एकटक अपने जला हुआ
आशियाने की निहार रहे
थे। परिवारजन शासन से मदद की
गुहार लगा रहे है। खबर लिखे
जाने तक पीड़ित परिवार के लिए
शासन प्रशासन या पंचायत स्तर से
भी कोई वैकल्पिक सहायता नहीं
मिला है।






