समरसता ही समाज की असली पहचान,, कांग्रेस नेता देवचंद मातलाम ,,,,,राजमन नाग

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समरसता ही समाज की असली पहचान,, कांग्रेस नेता देवचंद मातलाम

राजमन नाग

कोण्डागांव जिले के केसकाल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा में आयोजित गायता ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में कांग्रेस नेता देवचंद मातलाम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता के महत्व पर प्रकाश डाला। देवचंद मातलाम ने कहा कि समाज की शक्ति हमारी एकता, परंपरा और भाईचारे में निहित है, जो हमारे उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

वैदिक साहित्य में सामाजिक समरसता की परिकल्पना की गई है, जिसमें सभी लोगों को समान माना जाता है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच परस्पर प्रेम और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया जाता है। ऋग्वेद में सामाजिक समरसता के कई उदाहरण मिलते हैं ।

देवचंद मातलाम ने कहा, समाज की शक्ति हमारी एकता, परंपरा और भाईचारे में निहित है। सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, सहिष्णुता और परस्पर प्रेम और सहयोग आवश्यक हैं।
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